मानसून, बारिश और चक्रवात में रूफटॉप सोलर खराब होने पर क्या करें?

Kiran Beldar · Jun 13, 2026 · 7 mins read

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: मानसून, बारिश और चक्रवात में रूफटॉप सोलर खराब होने पर क्या करें?

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) भारत सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत घरों की छतों (Rooftop) पर सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं।

हालांकि, भारत में मानसून का मौसम अपने साथ भारी बारिश, तेज आंधी, चक्रवात (Cyclone) और बिजली गिरने (Lightning) जैसी प्राकृतिक आपदाएं लेकर आता है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं के मन में यह गंभीर सवाल उठता है: "यदि मानसून या चक्रवात के कारण मेरी छत पर लगा सोलर पावर प्लांट टूट जाता है या खराब हो जाता है, तो मुझे क्या करना चाहिए? मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा? बीमा (Insurance) का क्या नियम है और शिकायत कहां दर्ज करें?"

यह विस्तृत गाइड भारतीय संदर्भ में आपके इन सभी सवालों के सटीक और व्यावहारिक जवाब देगी।

1. मानसून में नुकसान होने पर सबसे पहले क्या करें? (तत्काल कदम)

यदि चक्रवात या भारी बारिश के कारण आपके रूफटॉप सोलर सिस्टम को नुकसान पहुंचता है, तो सुरक्षा और कानूनी दावों (Claims) के लिए तुरंत ये कदम उठाएं:

  • सिस्टम को तुरंत बंद करें (Power Off): सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यदि सोलर पैनल टूट गए हैं या तार खुले हैं, तो शॉर्ट सर्किट या करंट लगने का खतरा रहता है। तुरंत सोलर इनवर्टर के मुख्य स्विच (DC/AC Disconnect) को बंद कर दें।

  • दस्तावेजीकरण (Photos & Videos): नुकसान वाले हिस्से (टूटे हुए पैनल, उखड़े हुए स्ट्रक्चर या जले हुए इनवर्टर) की विभिन्न कोणों से स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो लें। यह बीमा क्लेम और वेंडर से मुफ्त मरम्मत पाने के लिए सबसे बड़ा सबूत होगा।

  • तारों को न छुएं: गिरे हुए पैनलों या ढीले तारों को खुद ठीक करने की कोशिश न करें। गीली छत पर करंट फैलने का खतरा अधिक होता है।

  • कागजात तैयार रखें: अपना उपभोक्ता नंबर (Consumer ID), सोलर वेंडर का एग्रीमेंट, और पीएम सूर्य घर पोर्टल की पावती (Acknowledgement Receipt) अपने पास रखें।

    Untitled Draft-img

2. खर्च कौन उठाएगा? (Who Will Bear the Cost?)

यह समझना बेहद जरूरी है कि नुकसान किस तरह का हुआ है, क्योंकि इसी के आधार पर यह तय होता है कि खर्च कौन संभालेगा:

अ. 5 साल का व्यापक रखरखाव अनुबंध (CMC)

पीएम सूर्य घर योजना के नियमों के अनुसार, जिस भी पंजीकृत वेंडर (Empaneled Vendor) ने आपके घर पर सोलर सिस्टम लगाया है, उसे 5 साल की व्यापक रखरखाव वारंटी (Comprehensive Maintenance Contract - CMC) देनी होती है।

  • यदि मानसून की सामान्य बारिश के कारण इनवर्टर में तकनीकी खराबी आती है, तारों में फॉल्ट होता है, या स्ट्रक्चर कमजोर होने के कारण पैनल हिल जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होती है।

  • इसके लिए आपको अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च नहीं करना है।

ब. प्राकृतिक आपदा (चक्रवात, भूकंप, वज्रपात)

यदि चक्रवात (जैसे ताउते, अम्फान, या रेमल) के कारण पूरा सोलर प्लांट उखड़ जाता है, या भारी गारपीट (Hailstorm) से पैनल टूट जाते हैं, तो यह 'एक्ट ऑफ गॉड' (Act of God) या प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत आता है। ऐसे मामलों में खर्च बीमा कंपनी (Insurance Company) द्वारा वहन किया जाता है।

Untitled Draft-img

3. सोलर इंश्योरेंस (बीमा) और क्लेम की प्रक्रिया

पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम का बीमा कराना एक अनिवार्य और सुरक्षात्मक पहलू है।

  • ऑल-रिस्क सोलर इंश्योरेंस (All-Risk Insurance): स्थापना के समय अधिकांश एम्पैनेल्ड वेंडर सिस्टम का बीमा (जो अक्सर पहले वर्ष या उससे अधिक के लिए होता है) पैकेज में शामिल करते हैं। यह बीमा चक्रवात, आग, चोरी, और बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को कवर करता है।

  • होम इंश्योरेंस में शामिल करना: यदि वेंडर की ओर से बीमा नहीं है, तो उपभोक्ता अपने 'गृह बीमा' (Home Insurance) में मामूली अतिरिक्त प्रीमियम देकर रूफटॉप सोलर को एड-ऑन (Add-on) के रूप में कवर करवा सकते हैं।

  • क्लेम कैसे करें: नुकसान होने के 24 से 48 घंटों के भीतर बीमा कंपनी या वेंडर को सूचित करना अनिवार्य होता है। सर्वेक्षक (Surveyor) आकर नुकसान की जांच करेगा और आपके द्वारा खींचे गए फोटो/वीडियो के आधार पर क्लेम पास किया जाएगा।

4. शिकायत कहां और किससे करें? (To Whom to Approach)

यदि आपका सोलर प्लांट खराब हो गया है, तो आपके पास शिकायत दर्ज कराने के तीन मुख्य स्तर हैं:

स्तर 1: आपके सोलर वेंडर से संपर्क करें

  • आपकी पहली कॉल हमेशा उस एम्पैनेल्ड वेंडर को होनी चाहिए जिसने सिस्टम इंस्टॉल किया है। उनके पास अपनी तकनीकी टीम होती है जो आकर साइट का निरीक्षण करेगी।

स्तर 2: पीएम सूर्य घर का आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल

यदि वेंडर आपकी शिकायत पर ध्यान नहीं देता है या मरम्मत करने से मना करता है, तो आप राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत कर सकते हैं:

  • आधिकारिक वेबसाइट: pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।

  • शिकायत निवारण (Grievance Redressal): पोर्टल पर लॉगइन करें और 'Register Complaint' विकल्प पर क्लिक करें। वहां नुकसान का विवरण और फोटो अपलोड करें।

  • राष्ट्रीय हेल्पलाइन: आप सरकार के टोल-फ्री नंबर 15555 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

स्तर 3: स्थानीय डिस्कॉम (DISCOM / बिजली विभाग)

चूंकि आपका सोलर सिस्टम ग्रिड (Net Metering) से जुड़ा होता है, इसलिए आप अपने स्थानीय बिजली वितरण कार्यालय (जैसे MSEDCL, UPPCL, BESCOM आदि) के सौर ऊर्जा सेल (Solar Cell) से संपर्क कर सकते हैं। सरकार के कड़े नियमों के कारण डिस्कॉम वेंडर पर कार्रवाई कर सकता है।

5. मानसून के दौरान रूफटॉप सोलर का रखरखाव (Maintenance Tips)

नुकसान से बचने के लिए मानसून के दौरान और उससे पहले निम्नलिखित रखरखाव अवश्य करें:

रखरखाव का क्षेत्रक्या जांचें?लाभमाउंटिंग स्ट्रक्चरनट, बोल्ट और जंग की जांच करें।तेज चक्रवाती हवाओं में पैनलों को उखड़ने से बचाता है।अर्थिंग (Earthing)अर्थिंग पिट में नमी और तारों का जुड़ाव।बिजली गिरने (Lightning) पर भारी वोल्टेज को जमीन में डालता है।लाइटनिंग अरेस्टरछत पर सबसे ऊंचे बिंदु पर इसकी सही स्थिति।आसमान से गिरने वाली बिजली को सीधे इनवर्टर तक जाने से रोकता है।इनवर्टर और जंक्शन बॉक्सवाटरप्रूफिंग और सील की जांच।पानी के रिसाव से होने वाले शॉर्ट-सर्किट को रोकता है।पेड़ों की छंटाईसोलर पैनल के ऊपर लटकी शाखाएं।आंधी में भारी डालियां टूटकर पैनल पर गिरने का खतरा टलता है।

6. कानूनी समय सीमा (Timeline for Resolution)

भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के दिशानिर्देशों के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद वेंडर को एक निश्चित समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान करना होता है:

  • सामान्य खराबी (Minor Faults): 24 से 48 घंटे के भीतर।

  • बड़ा नुकसान/पैनल बदलना (Major Damage/Replacement): बीमा क्लेम की मंजूरी के बाद 7 से 15 दिनों के भीतर वेंडर को नया सिस्टम चालू करके देना होता है। यदि वेंडर इसमें लापरवाही करता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उसकी ब्लैकलिस्टिंग हो सकती है।

निष्कर्ष

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगा आपका रूफटॉप सोलर प्लांट पूरी तरह से सुरक्षित है। मानसून या चक्रवात जैसी आपदाओं की स्थिति में आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 5 साल की वारंटी और बीमा कवच आपकी आर्थिक सुरक्षा करते हैं। बस सतर्क रहें, समय पर तकनीकी सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल या वेंडर से संपर्क करें और किसी भी प्रकार की मैन्युअल छेड़छाड़ से बचें।

Learn Solar with Renewable Energy Study Group

Our Courses

Design of Solar Power Plant: Basic to Advanced Level (Bundle of 20 Courses)

https://renewableenergystudygroup.in/store/design-of-solar-power-plant-basic-to-advanced-level-2ydi80x6slzd

Course Content:

https://drive.google.com/file/d/1XYDWzioYuiVG01HpB0QWeyXWnqelAIjs/view?usp=sharing

All the Best !!

Solar panelRenewable EnergyNet MeteringIndian GovertmentGross MeteringSolar Finance